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संत की नृशंस हत्या के मामले में RSS जिला प्रचारक गिरफ्तार

न्यूज नजर डॉट कॉम
सिरोही। जिला मुख्यालय पर 11 नवम्बर को शांति नगर स्थित आरएसएस के जिला कार्यालय में हुई श्रीराम कथा वाचक संत की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने आरएसएस के जिला प्रचारक को गिरफ्तार कर लिया है।

इस घटना के बाद दी गई रिपोर्ट के अनुसार स्वामी अवधेशानंद द्वारा किए वार से आरएसएस जिला प्रचारक उत्तमगिरी घायल हुए थे। उनका पुलिस की देखरेख में उपचार चल रहा था, दुरुस्त होने पर रविवार को उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

संत का मोबाइल, खून से सने कपड़े, हत्या के लिए इस्तेमाल किया गया चाकू आदि बरामद होने गए हैं। पुलिस ने उत्तमगिरी को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया।

इस कारण हुई हत्या

जिला प्रचारक और संत हिन्दुत्व के एजेंडे वाली समानांतर संस्थान के फोलोवर थे । हत्या की मूल वजह एएचपी और वीएचपी के बीच के कामो को लेकर ही बताई जा रही है। इसके अलावा कुछ चार बीघा जमीन के कार्य को लेकर भी कुछ विवाद उठा था।
हत्या में इतनी बेरहमी की किए 35 वार

स्वामी अवधेशानन्द की हत्या किस नृशंसता से की गई इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर में चाकू के 35 घाव पाए गए। एक के बाद एक चाकू के कई वार से उनके गले की श्वास नली भोजन नली तक चोटिल हुई।

परिणामस्वरूप उनकी गर्दन की नसें कट गई थी। इतना ही नहीं शरीर के अन्य हिस्सों में हड्डियों तक चाकू ने घाव किया था। लोगों को शक है कि इस प्रकरण में एक से ज्यादा लोग शामिल थे और हत्या होने की जानकारी उन्हें थी।

इस तरह से बढ़ती गई खाई

सूत्रों के अनुसार स्वामी अवधेशानंद विश्व हिन्दु परिषद द्वारा संचालित एकल विद्यालय संस्थान को संचालन जिले में करते थे। विश्व हिन्दु परिषद के अंतराष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष प्रवीण तोगडिया ने कुछ् मतभेदो के चलते अंतरराष्ट्रीय हिन्दु संगठन नाम से नया संगठन बनाया।

इस संगठन में आरएसएस के अनुशांगिक संगठ्न विश्व हिन्दु परिषद और बजरंग दल के अधिकांश कार्यकर्ता और पदाधिकारी चले गए। ऐसे में आरएसएस के अनुशांगिक संगठन की गतिविधियो मे ठहराव आ गया था। जिले में अंतरराष्ट्रीय हिन्दु परिषद की गतिविधि जारी थी।

इसी को लेकर जिला मुख्यालय पर 10 नवम्बर को विहिप और बजरंग दल की एक रैली निकाली गई। इससे लोगों में यह संदेश जाए कि ये संगठन बराबर रूप से सक्रिय है। इस रैली में पर्याप्त संख्या में लोग नहीं जुट पाए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हिन्दु परिषद ने गांधी मैदान में एक शाखा भी शुरू कर दी थी। वहीं 12 तारीख को गौभक्त संसद का कार्यक्रम था।

स्वामी अवधेशानन्द भी इस शाखा में जाते थे और गौभक्त संसद में भी अतिथि थे। सूत्रो के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक का काम मूलतः जिले में संघ की शाखाओं के संचालन का होता है। सिरोही जिला प्रचारक उत्तमगिरी एएचपी की नई शाखा शुरु होने व रैली का समुचित परिणाम नहीं आने से व्यथित थॆ।

उन्होंने पूर्व मे भी स्वामी अवधेशानंद को इसी मुद्दे पर बात के लिए बुलवाया था।  11 नवम्बर को भी बुलवाया। उन दोनों के बीच इस समेत अन्य मुद्दे पर एक राय नहीं बनने से बहस हुई। मामला बढता गया, जिसकी परिणिति स्वामी अवधेशानन्द की मौत के रूप में सामने आई।

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