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मेरी रचना

करो आरती नामदेव जी की…

  भजन-आरती करो आरती नामदेव जी की, होगा उद्धार हमारा तुम्हारा ! करो प्रतिज्ञा घर-घर दीप जलायेंगे, जयजय नामदेव गायेंगे ! सामाजिक एकता संदेश घर-घर पहुंचाएंगे, समाज को संगठित कर जय जय विट्ठल गायेंगे ! मन का भेद भुलाकर सबको गले लगायेंगे, सामाजिक एकता के बल पर देश में नाम …

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मिताली छीपा के कलाकार मन की उड़ान लाजवाब

नामदेव न्यूज डॉट कॉम अजमेर। नामदेव समाज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मूलत: कला और कारीगरी के पुजारी छीपा की एक और प्रतिभा सामने आई है। उसका नाम है मिताली छीपा। पाली जिले के निम्बोल कस्बे में रहने वाले मनोज छीपा की होनहार पुत्री मिताली छीपा की कला कपड़े …

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‘नामदेव न्यूज डॉट कॉम’ को चाहिए मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, करें संपर्क

नामदेव समाज सहित अन्य वर्गो में जबरदस्त लोकप्रिय न्यूज पोर्टल ‘नामदेव न्यूज डॉट कॉम’ को देश-विदेश में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव चाहिए। इसकेे लिए नामदेव समाज के उत्साही युवा फोन नंबर 9461594230 पर कॉल करके या वाट्सअप के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नामदेव समाजबंधु और समाज की विभिन्न संस्थाओं …

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ईश्वर हर जगह मौजूद

नामदेव न्यूज डॉट कॉम संत नामदेव जी अपने शिष्यों के साथ रोज की तरह धर्म-चर्चा में लीन थे ! तभी एक जिज्ञासु शिष्य ने उनसे प्रश्न किया -गुरुदेव कहा जाता है कि ईश्वर हर जगह मौजूद है तो उसे अनुभव कैसे किया जा सकता है ?क्या आप उसकी प्राप्ति का …

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कथा नामदेव जी की

बन्धुओ एक बार संत नामदेव जी की छोपडी मै आग लग गई।  सारा सामान जल गया। आसपास के लोगो ने विस्तर के कपडे किसी तरह बचा लिए । उस समय संत जी  दूसरे गाँव मे धर्म प्रचार के लिये लोगो के बीच सेवा दे  भजन गा रहे थे। तभी भजन बंद …

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भगत नामदेव का व्रत

श्री नामदेव जी महाराष्ट्र के एक सुप्रसिद्ध संत थे। वे विट्ठल भगवान के बहुत बड़े भगत हुए हैं। उनका ध्यान सदा विट्ठल भगवान के दर्शन, भजन और कीर्तन में ही लगा रहता था। सांसारिक कार्यों में उनका जरा भी मन नहीं लगता था। . वे एकादशी व्रत के प्रति पूर्ण …

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अब लगा वाकई सही था यह फैसला!

कोशिश चंद महीनों की लेकिन टीस थी कई सालों की। पत्रकारिता करते हुए  20-22 साल हो चुके हैं। दैनिक भास्कर राजस्थान पत्रिका दैनिक नवज्योति जैसे बड़े अखबारों में काम किया। पत्रिका में तो एक दशक से ज्यादा वक्त तक डेस्क इंचार्ज रहा। निष्पक्ष तरीके से हर छोटे बड़े समाज को …

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मौत की यह है सच्‍चाई

किसी नगर में एक धनवान व्यक्ति रहता था। वह बड़ा विलासी प्रकृति का था। उसके मन में हमेशा भोग-विलास के विचार चलते रहते थे। एक दिन संयोग से किसी संत से उसका संपर्क हुआ। वह संत से अपने भोगी और अशुभ विचारों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करने लगा। संत …

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