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अवैध हथियार खरीदने वाले ‘बड़े लोगों’ में हड़कम्प मचा, एटीएस खोलेगी नाम


उदयपुर/अजमेर। अवैध हथियार निर्मित कर उसे फर्जी लाइसेंस के जरिये देशभर में तस्करी करने वाले गिरोह का एटीएस द्वारा एक बड़ी छापामार कार्यवाही कर भंडाफोड़ किए जाने से उदयपुर के स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों में भी हड़कंप मच गया है।

एटीएस की करीब एक दर्जन से अधिक टीमों ने राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और जम्मू और कश्मीर में छापे मारे थे। इसमें राज्य के अजमेर, उदयपुर सहित कई अन्य शहरों में छापा कार्रवाई हुई है।

अजमेर में हथियार डीलर दिवंगत वली मोहम्मद के पोते जुबेर का नेटवर्क तोड़ा और उदयपुर में दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित लोगों से अवैध हथियार बरामद किए हैं। इस बारे में स्थानीय एटीएस भी गोपनीय रूप से कार्रवाई में जुटा बताया जा रहा है। छापा कार्रवाई के तत्काल बाद यहां भी कतिपय प्रतिष्ठित व हाईप्रोफाइल कम्युनिटी में हड़कंप सा माहौल है।

बताया जा रहा है कि एटीएस के छापों में उदयपुर से सर्वाधिक अवैध हथियारों की खेप मिली है। ऐसे में उन हथियारधारी लोगों में ज्यादा हड़बड़ाहट है, जिन्होंने बिना वैधानिक तरीके से उक्त हथियार तस्करों से खरीदे हैं।

 

इस बड़े रैकेट के खुलासों में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन लाइसेंस व हथियारों का स्थानीय पुलिस थानों में कोई रिकॉर्ड भी नहीं है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जिन लोगों तक ये अवैध हथियार यहां पहुंचे हैं या लंबे समय से सप्लाई किए जा रहे हैं, उनका जम्मू कश्मीर और मध्यप्रदेश के देवास सहित अन्य शहरों में अवैध हथियार बनाने वालों गिरोह से कोई गहरी सांठगांठ अथवा तार जुड़े हुए है।

ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि यहां भी कोई तस्कर इस अवैध करोबार में सक्रिय है, जो औने पौने दाम पर प्रतिष्ठित लोगों की उनकी हिफाजत का लालच देकर बेंच रहे हैं। हालांकी स्थानीय एटीएस विंग इस बड़ी कार्यवाही पर कुछ भी बोलने से बच रहा है। लेकिन जांच कार्यवाही प्रभावित ना हो इसे ध्यान में रखते हुए एटीएस गहनता के साथ स्थानीय स्तर पर जांच में जुटा है।

सूत्र बताते हैं कि कार्यवाही में जिन लोगों से फर्जी लाइसेंस के हथियार बरामद हुए हैं, उनमें कई लोग छोटे बड़े उद्यमी, प्रोपर्टी व रियल स्टेट से जुड़े लोग, हैंडीक्रॉफ्ट, होटल, मार्बल व्यवसाय से संबंधित लोग हो सकते हैं। कुछ हिस्ट्रीशीटरों के पास भी ऐसे अवैध मिलने की अनाधिकृत सूचना है।

इस बारे में एटीएस ने किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति या उद्यमी का नाम बताने से इंकार करते हुए केवल इतना ही खुलासा किया है कि उक्त मामले में बरामद अवैध हथियारों के आधार पर विभाग इनका रिकॉर्ड खंगालने या हथियारधारी के ठिकानों का पता लगाने में जुटा है। बहरहाल जांच प्रभावित ना हो इसके लिये एटीएस के स्थानीय अधिकारी गहनता के साथ जांच में लगे हुए हैं।

 गिरोह में लिप्त लोगों के नामों का जल्द होगा खुलासा

एटीएस के छापों में उदयपुर के जिन 12 प्रतिष्ठित लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई है उन लोगों के नामों का खुलासा भी जल्द होने की संभावना है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एटीएस रानू शर्मा ने बताया कि छापा कार्यवाही और इस दौरान उदयपुर के जिन लोगों से अवैध हथियार जिसमें पिस्टल, रिवाल्वर, 12 बोर बंदूक और दो सौ कारतूस होने की पुष्टि हुई है, उसकी विभागीय स्तर पर गहनता के साथ जांच की जा रही है।

शर्मा ने बताया कि अभी ऐसे तत्वों का नाम सार्वजनिक करना जल्दबाजी होगा। कारण कि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। लेकिन नियमानुसार इस तरह के अवैध करोबार में लिप्तता तथा बिना लाइसेंस के हथियार क्रय कर अपने पास रखने वाले लोगों को नाम जल्द ही जारी किए जाएंगे। उनके खिलाफ कार्यवाही होगी।

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